You don't have javascript enabled. Please Enabled javascript for better performance.

कैबिनेट मीटिंग: अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बनाई रणनीति, कोरोना महामारी से प्रभावित विभागों को दी जाएगी राहत

12 May 2020

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी की अध्यक्षता में 2 मई को हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में लॉकडाउन के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा शुरू किए जाने वाले आर्थिक सुधारों बारे में एक प्रस्तुति दी गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि कोरोना महामारी के दृष्टिगत राज्य में अर्थव्यवस्था को पुनः सृदृढ़ करने के लिए शहरी जनता को मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत 120 दिन का रोजगार मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए यदि आवश्यक हो तो उनके कौशल उन्नयन के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस महामारी के दौरान प्रदेश में बाहरी राज्यों से हजारों लोग वापस आए हैं, जिनकी विभिन्न क्षेत्रों में कुशलता हैं, उन्हें उनकी कार्यकुशलता अनुसार रोजगार और स्वरोजगार मुहैया कराने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि विकास कार्यों पर प्रदेश सरकार द्वारा व्यय तीव्र किया जाएगा और फिजूल खर्च पर अंकुश लगाया जाएगा।

श्रमिकों के लिए खर्च किए 20 करोड

राज्य सरकार ने भवन और अन्य सन्निर्माण कामगार बोर्ड के तहत पंजीकृत लगभग एक लाख श्रमिकों को 2-2 हजार रुपये प्रदान किए हैं, जिसपर अब तक 20 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। अब सरकार ने इन श्रमिकों को और 2000 रुपये प्रति कामगार प्रदान करने का निर्णय लिया है। कोविड-19 महामारी के कारण राज्य के कृषकों और बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान अपनी फसलों का विपणन नहीं कर पाए हैं, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है इसलिए, सरकार ने उन्हें कुछ हद तक क्षतिपूर्ति करने का फैसला किया है। सरकार बाजार में उनके उत्पादों के विपणन के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करने के प्रयास कर रही है।

बिजली की मांग के शुल्क को माफ करने का फैसला

कोरोना महामारी के कारण पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है, इसलिए सरकार ने 6 महीने की अवधि के लिए बिजली की मांग के शुल्क को माफ करने का फैसला किया है, जिसके लिए उन्हें लगभग 15 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई है। इसी तरह कराधान लाइसेंस शुल्क को माफ कर दिया जाएगा और बार का लिफटिंग कोटा प्रो-राटा के आधार पर होगा। सरकार एचपीटीडीसी निगम के कर्मचारियों का वेतन भुगतान कर एचपीटीडीसी को भी सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, टोकन टैक्स और विशेष सड़क कर को 4 महीने के लिए माफ कर दिया जाएगा तथा पंजीकरण और परमिट आदि के नवीकरण की देरी पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। एचआरटीसी को 55 करोड़ की मदद दी जाएगी।

अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए होगा टास्क फोर्स का गठन

उद्योगों को सुदृढ़ करने के लिए जीएसटी रिफंड जल्द से जल्द किया जाएगा। एचपीएसईबी लिमिटेड को भी उद्योग की कम मांग के कारण नुकसान उठाना पड़ा है, जिसकी भरपाई की जाएगी। अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए किए जाने वाले अन्य उपचारात्मक उपायों बारे सुझाव देने के लिए जल शक्ति मंत्री श्री महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस उप समिति के अन्य सदस्य शिक्षा मंत्री श्री सुरेश भारद्वाज, उद्योग मंत्री श्री विक्रम सिंह और परिवहन मंत्री श्री गोविंद ठाकुर होंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार उचित स्तर पर ईपीएफओ, ईएसआईसी से संबंधित मामले को भी उठाएगी ताकि जल्द से जल्द इसका निवारण किया जा सके।

कर्मचारियों के हित में लिया बड़ा निर्णय

प्रदेश मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जलवाहकों को छोड़कर अन्य विभिन्न विभागों में लगे अंशकालिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, जिन्होंने 31 मार्च, 2020 तक आठ वर्ष का सेवाकाल पूरा कर लिया है तथा जो कर्मी 30 सितम्बर, 2020 तक आठ साल का सेवाकाल पूरा करेंगे, की सेवाओं को दैनिक वेतन भोगी के रूप में परिवर्तित करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने आबकारी नीति 2019-20 को 31 मई, 2020 तक बढ़ाने के लिए कार्येत्तर स्वीकृति और आबकारी नीति 2020-21 के संचालन का पहली जून से 31 मई, 2021 तक बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की। इस नीति के अनुसार खुदरा आबकारी लाईसेंसधारक, जिनकी कोविड-19 के दृष्टिगत 22 मार्च, 2020 के बाद शराब की दुकानें बन्द रही हैं, उन्हें उस समय की आबकारी फीस जमा करवाने की आवश्यकता नहीं है। खुदरा आबकारी लाईसेंसधारकों, जिन्होंने 31 मार्च, 2020 से पहले लाईसेंस शुल्क जमा करवा दिया है, उन्हें 2019-20 के लिए शेष न्यूनतम गारंटी कोटे को उठाने की अनुमति होगी। यदि 31 मार्च, 2020 तक पूर्ण लाईसेंस शुल्क जमा नहीं करवाई है तो ऐसे लाईसेंसधारकों को अप्रैल व मई 2020, जब दुकानें खुलेंगी तो 2019-20 के लिए लम्बित आबकारी लाईसेंस शुल्क जमा करने पर लम्बित कोटा उठाने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त यदि खुदरा आबकारी लाईसेंसधारक देशी शराब/आईएमएफ/बीयर/वाईन/सीडर/बीआईओ ब्रांड का कोटा 2019-20 के लिए देय से अधिक लम्बित कोटा उठाता है तो लाईसेंसधारी को वह आबकारी नीति 2019-20 में निर्धारित शुल्क जमा करवाकर अपने लम्बित कोटा को उठा सकता है।

टॉल नीति को स्वीकृति

मंत्रिमंडल ने टॉल नीति 2019-20 को 31 मई, 2020 तक बढ़ाने की कार्येत्तर स्वीकृति तथा टॉल नीति 2020-21 के को पहली जून, 2020 से 31 मई, 2021 तक संचालन की स्वीकृति प्रदान की। टॉल पट्टाधारकों को उनके टॉल फीस के वास्तविक एकत्रिकरण के आधार पर अप्रैल तथा मई, 2020 का मासिक टॉल शुल्क जमा करवाने की अनुमति होगी।

रोजगार के खोले नए द्वार

राज्य मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी मंडिकल कॉलेज शिमला में लोगों की सुविधा के लिए पैथोलाॅजी विभाग में प्रोफैसर तथा सहायक प्रोफैसर का एक-एक पद और मनोचिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफैसर के दो पदों को सृजित कर भरने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने ओपन एकरिएज लाईसेेसिंग नीति-बिड राउंड-1 के अन्तर्गत मैसर्ज वेदांता लिमिटेड को मंडी जिला के बालीचैकी, चच्योट, सरकाघाट तथा मंडी क्षेत्र के अतिरिक्त बिलासपुर जिला के घुमारवीं क्षेत्र में पैट्रोलियम अन्वेषण के लिए पैट्रोलियम लाईसेंस प्रदान करने की अनुमति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने शिमला जिला के कोटखाई के थरोला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को कार्यशील बनाने और लोगों की सुविधा के लिए तीन विभिन्न श्रेणियों के पद सृजित करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के सिराज में राजकीय माध्यमिक पाठशाला कून और सोलन जिला में राजकीय माध्यमिक पाठशाला अनहेच को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा राजकीय उच्च पाठशाला जाडली और सनावर को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा इन पाठशालाओं के प्रबन्धन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 20 पदों को सृजित करने की अनुमति प्रदान की।

हिमाचल में महंगी होगी शराब

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी की अध्यक्षता में 8 मई को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में शराब की बिक्री पर अतिरिक्त लाइसेंस फीस (कोविड सैस) लगाने का निर्णय लिया गया। अब देसी शराब की प्रति बोतल पर पांच रुपये शुल्क, आई.एम.एफ.एल. प्रति बोतल पर 10 रुपये, भारत में निर्मित बीयर/आर.टी.डी. प्रति बोतल/कैन पर पांच रुपये, विदेश से आयातित शराब (बी.आई.ओ.) प्रति बोतल पर 25 रुपये, बीयर/आर.टी.डी. (बी.आई.ओ.) प्रति बोतल/कैन पर 10 रुपये, भारतीय वाइन/साइडर की प्रति बोतल पर 10 रुपये और वाइन/साइडर (बी.आई.ओ.) की प्रति बोतल पर 25 रुपये कोविड सैस लगाया जाएगा। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि उद्योगों (एल-19 ए लाइसेंस) द्वारा स्वच्छता उत्पादों को बनाने के लिए प्रयोग किए जाने वाली सभी प्रकार की स्पिरिट पर आयात शुल्क 10.50 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये प्रति बल्क लीटर किया जाएगा।

कर्फ्यू में अब मिलेगी 7 घंटे तक छूट

कोविड-19 आर्थिक पुनरुत्थान (इकॉनोमिक रिवाइवल) के लिए गठित मंत्रिमंडल उपसमिति ने विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने, विभिन्न क्षेत्रों में संसाधनों को जुटाने और विभिन्न क्षेत्रों के सहयोग के लिए अपनी सिफारिशों के बारे में मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुति दी। उप समिति ने यह भी सिफारिश की बाहरी राज्यों से वापिस आए हिमाचलियों से उनके कौशल योग्यता की जानकारी ली जाए और इसे राज्य के श्रम एवं रोजगार और उद्योग विभाग के साथ साझा किया जाए ताकि उनकी योग्यता को उपलब्ध क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सके। मंत्रिमंडल ने आगामी कृषि और बागवानी फसलों की कटाई के दृष्टिगत उपाय भी सुझाए। मंत्रिमंडल उप समिति ने खनन कार्यों के कारण राजस्व क्षति को कम करने और फोरेस्ट क्लीयरेंस में तेजी लाने की सिफारिश भी की। मंत्रिमंडल ने कर्फ्यू छूट अवधि को पांच घंटे से बढ़ाकर सात घंटे करने को भी स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गांरटी योजना को सहमति

शहरी स्थानीय निकाय में प्रत्येक घर में 120 दिन का अकुशल रोजगार गारंटी प्रदान करने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा बढ़ाने और मजदूरी का कार्य करने वालों को कौशल श्रम प्रदान कर स्वयं का उद्यम स्थापित कर सब्सिडी से जुड़ी क्रेडिट और एंटरप्रेंयुरशिप प्रशिक्षण के लिए मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गांरटी योजना को सहमति प्रदान की। इससे शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने और शहरी स्थानीय निकायों में गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं को प्रदान करने में सहायता मिलेगी। इस महत्वकांक्षी योजना के अन्तर्गत 25.20 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।

वाकनाघाट में स्थापित होगा प्रशिक्षण केंद्र

प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और रोजगार की संभावनाओं को सृजित करने के लिए मंत्रिमंडल ने जिला सोलन के वाकनाघाट में एडीबी (एशियन डवेल्पमेंट बैंक) कार्यक्रम के अन्तर्गत पर्यटन, आतिथ्य क्षेत्रों सहित सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए विशेष केन्द्र स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की। इससे उत्कृष्टता केंद्र के विद्यार्थियों को अन्तरराष्ट्रीय परिदृश्य में उनके शैक्षणिक अभिलेख एवं कार्य अनुभव को मजबूती मिलेगी और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और सरकारी उपक्रमों, बोर्ड, विश्वविद्यालय इत्यादि के कर्मचारियों से एच.पी. एस.डी.एम.ए. कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड में उदारतापूर्वक अंशदान करने का आग्रह किया।

Total Comments - 0

Leave a Reply