You don't have javascript enabled. Please Enabled javascript for better performance.

जीएसटी के तहत मुनाफाखोरी विरोधी समिति

20 Aug 2019

यदि कर की दर कम हुईकीमतें कम की जानी चाहिए

माल और सेवा कर प्रणाली लागू होने के उपरांत जीएसटी परिषद (GST Council) द्वारा बहुत सी वस्तुओं पर लागू कर की दर को काम किया गया है। स्पष्ट है की इससे वस्तु के मूल्य में कमी आनी चाहिए । यदि कोई व्यवसायी कर की दर में कमी के पश्चात सम्बंधित वस्तु का मूल्य काम नहीं करते हैं तो कोई भी उपभोक्ता / व्यक्ति उस व्यवसायी के विरुद्ध मुनाफाखोरी विरोधी समिति (Anti Profiteering Committee)में निम्नलिखित ईमेल पते पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं-

झारखण्ड – jhscreeningcom@jharkhandcomtax.gov.in

केंद्र – anti-profiteering@gmail.in

फ्लैट्सजीएसटी(GST) के तहत 1% और 5% की दर से कर योग्य

GSTN द्वारा दिनांक ०१-०४-२०१९ से सस्ती (affordable) तथा महँगी (non affordable) फ्लैट्स की बिक्री पर कर की दर क्रमशः १ प्रतिशत एवं ५ प्रतिशत निर्धारित की गयी,जिसका निर्माण दिनांक ०१-०४-२०१९ के पश्चात प्रारम्भ हुआ है ।

सस्ती (affordable) श्रेणी में मेट्रो शहर के ६० वर्ग मीटर तथा ४५ लाख से कम एवं गैर मेट्रो शहर में ९० वर्ग मीटर एवं ४५ लाख से कम लागत के फ्लैट्स को रखा गया है।इस पर १ प्रतिशत की दर से जीएसटी (GST) लागू है ।अन्य फ्लैट्स को महँगी (non affordable) श्रेणी में रखा गया है जिसपर ५ प्रतिशत की दर से जीएसटी (GST) देय है।

यदि कोई बिल्डर अधिक जीएसटी (GST) वसूल करने की कोशिश करता है तो इसकी शिकायत मुनाफाखोरी विरोधी समिति (Anti Profiteering Committee)में की जा सकती है । मुनाफाखोरी विरोधी समिति (Anti Profiteering Committee) में शिकायत विहिप प्रपत्र में की जानी है जो संलग्न है ।

http://www.gstcouncil.gov.in/sites/default/files/Format-for-filing-anti-profiteering-application.pdf

 

Total Comments - 0

Leave a Reply