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युवा उद्यमशीलता: भारत में उभरती प्रवृत्ति

16 Aug 2019

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की स्थापना युवाओं को कुशल बनाने और उन्हें न केवल स्व-नियोजित बनाने बल्कि दूसरों के लिए रोजगार सृजित करने की कुशलता विकसित करने की दृष्टि से की है।

आंकड़ों के अनुसार हमारी 54 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है और प्रति वर्ष लगभग 15 मिलियन कामगार हमारे देश के कार्यबल में शामिल होते हैं। इतनी बड़ी संख्या के लिए पर्याप्त रोजगार सृजित करने का केवल एक ही तरीका है कि सतत रूप से नवीनता भरी उद्यमशीलता के लिए एक वातावरण तैयार किया जाए। नवोन्मेषी युवा, जिन्हें हम अपने आस-पास देखते हैं, के साहस के साथ-साथ और सरकार तथा उद्योग की पहलें जो नवीनता और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए है, की बदौलत भारत वैश्विक उद्यमशीलता रैंकिंग में जल्द ही अधिक ऊपर आ जाएगा।

भारत वैश्विक निवेशकों के लिए आज एक उभरता हुआ बाजार बन गया है और हमारे देश की अर्थव्यवस्था में उद्यमशीलता का प्रमुख योगदान है। एक स्थिर कारोबारी माहौल, बाजार-उन्मुख सुधार और मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, अटल इनोवेशन मिशन तथा मुद्रा योजना जैसी प्रमुख पहलें महत्वाकांक्षी भारतीय युवाओं को लगातार प्रोत्साहित कर रही हैं। इसके अलावा, हर साल इन्क्यूबेटरों की संख्या में 40% की वृद्धि के साथ स्टार्टअप उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर है।

ये महत्वाकांक्षी कार्यक्रम उद्यमशीलता पारिस्थितिकी-तंत्र के विकास के विभिन्न तत्वों को सम्बल प्रदान कर रहे हैं, जिसमें ग्रांड चैलेन्ज का आयोजन, वित्त-पोषण सहायता, नए इन्क्यूबेटरों का निर्माण और मौजूदा इनक्यूबेटरों का क्षमता वर्धन, व्यापार करने में आसानी, कर-लाभ जैसे कदम शामिल हैं। इसके साथ ही हमारे देश में उच्च तकनीकी एवं उन्नतशील नवोन्मेष आधारित उद्यमशीलता के अतिरिक्त आम जनता की आजीविका से सरोकार रखने वाले उद्यमशीलता क्षेत्र पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। इन कदमों के माध्यम से विभिन्न सेक्टरों तथा भौगोलिक क्षेत्रों में स्थित हमारे विभिन्न सामाजिक-आर्थिक परिस्थिति में पले-बढ़े युवाओं के लिए सबसे ज्यादा रोजगार सृजन करने की कोशिश की गई है। इस पारिस्थितिकी-तंत्र के अंतर्गत, महिलाओं तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए, दुर्गम क्षेत्र के लोगों एवं दिव्यांग-जनों के लिए उद्यमशीलता-संवर्धन हेतु सहयोग देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय कौशल विकास की पहल के साथ, बड़े पैमाने पर इस प्रकार के उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मंत्रालय उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के क्रम में, उद्यम शुरू करने में रुचि रखने वाले कुशल उम्मीदवारों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए लगातार और रणनीतिक रूप से योजनाबद्ध तरीके से प्रयासरत है। पहले चरण में, कौशल विकास कार्यक्रम हेतु लागू सामान्य मानदंड, 2015 में कौशल प्रशिक्षण के मूल्यांकन में स्व-रोजगार स्थापना को प्लेसमेंट के समान गिना जाता है। इसके साथ ही, अल्पावधि कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में उद्यमशीलता प्रशिक्षण पर एक 20 घंटे का अनिवार्य मॉड्यूल शामिल किया गया है। इसके अलावा, उद्यमशीलता में रुचि रखने वाले प्रशिक्षुओं को परामर्श और सहायता प्रदान करने हेतु जिले में उद्यमशीलता की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री कौशल केंद्रों को उद्यमशीलता हब के रूप में परिवर्तित करने का कार्यक्रम शुरू किया गया है।

मंत्रालय ने वित्तीय सेवा विभाग, सिडबी, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (आरएसईटीआई) और दे आसरा फाउंडेशन जैसे सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ मिलकर उद्यमशीलता वर्धन हेतु प्रयास किया है ताकि उद्यमशीलता-विकास हेतु ज्ञानवर्धन, मेंटरशिप तथा हैंडहोल्डिंग सहायता और क्रेडिट लिंकेज को सुविधाजनक बनाया जा सके।

उद्यमशीलता के लिए अनुकूल माहौल बनाने के क्रम में, मंत्रालय ने उत्कृष्ट पहली पीढ़ी के युवा उद्यमियों और उद्यमशीलता के क्षेत्र में समर्पित संगठनों/व्यक्तियों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय उद्यमशीलता पुरस्कार की वर्ष 2016 से शुरूआत की है। इस योजना के अंतर्गत देश के सभी भौगोलिक क्षेत्रों, समूचे सेक्टरों में तथा विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के उद्यमियों को सम्मानित करने हेतु प्रावधान किया गया है। सभी इच्छुक अभ्यर्थियों का प्रतियोगिता में भाग लेना सुगम बनाने हेतु उद्यमों को प्रारंभिक निवेश के हिसाब से तीन श्रेणियों में निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया है:

1 लाख रूपए तक निवेश वाले उद्यम

1 लाख रूपए से 10 लाख रूपए तक निवेश वाले उद्यम

10 लाख रूपए से 1 करोड़ रूपए तक निवेश वाले उद्यम

आवेदन 01 अगस्त से 10 सितंबर 2019 तक वेबसाइट www.neas.gov.in पर किया जा सकता है, जहां पुरस्कार का विवरण और आवेदन पत्र भी दिए गए हैं।

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