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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय

26 Aug 2020

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी की अध्यक्षता में 24अगस्त, 2020को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020को कार्यान्वित करने का निर्णय लिया गया ताकि प्रदेश के विद्यार्थियों को इक्कसवीं सदी के लिए तैयार किया जा सके जहां समीक्षात्मक सोच देश का भविष्य निर्धारित करेगी। प्रदेश मंत्रिमंडल ने नई शिक्षा नीति लाने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया, जिसमें रोजगार चाहने वालों के स्थान पर रोजगार प्रदाताओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया है और यह नीति विद्यार्थियों को रटने की आदत से समीक्षात्मक सोच की ओर अग्रसर करेगी। इस नीति में नए पाठ्यक्रम ढांचे की अवधारणा भी की गई हैं ताकि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक और गणितीय सोच के अतिरिक्त शिक्षा पर सार्वजनिक निवेश 4.43प्रतिशत से बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद का 6प्रतिशत किया जा सके। प्रदेश में इस नीति के क्रियान्वयन के लिए मंत्रिमंडल ने शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया जिसमें 27सदस्य होंगे और सर्वशिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे।

हिमाचल मंत्रिमंडल ने वर्ष 2021-22से वर्तमान में प्रचलित योजना और गैर योजना के वर्गीकरण को समाप्त करने का निर्णय लिया। इसे अब पूंजीगत एवं राजस्व खर्च में वर्गीकृत किया जाएगा। अनुसूचित जाति उपयोजना, जनजातीय क्षेत्र उपयोजना, पिछड़ा क्षेत्र उप-योजना तथा क्षेत्रीय और विकेन्द्रिकृत योजना कार्यक्रमों को अब क्रमशः अनुसूचित जाति विकास योजना, जनजातीय क्षेत्र विकास योजना, आकांक्षीखंडविकास योजना और क्षेत्रीय एवं विकेन्द्रिकृत विकास कार्यक्रम के रूप में पुनर्नामित किया जाएगा। अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम, जनजातीय क्षेत्र कार्यक्रम, आकांक्षी खंड विकास कार्यक्रम और क्षेत्रीय एवं विकेन्द्रिकृत विकास कार्यक्रमों के लिए कार्यान्वयन प्रबन्ध पूवर्तः रहेंगे, जो वर्तमान में अनुसूचित जाति उपयोजना, जनजातीय क्षेत्र उपयोजना, पिछड़ा क्षेत्र उपयोजना और अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के लिए प्रचलित हैं।

अनुसूचित जाति विकास योजना, जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम, आकांक्षी खंडविकास कार्यक्रम और क्षेत्रीय एवं विकेन्द्रिकृत विकास कार्यक्रमों के लिए डिमाण्ड संख्या 31,32और 15के अन्तर्गत बजट का आवंटन किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि आगामी वित्तीय वर्ष के बजट आबंटन जनजातीय क्षेत्र विकास परियोजना के अन्तर्गत 9प्रतिशत के अनुपात और वर्तमान वार्षिक योजना के हिस्से के विभिन्न विकासात्मक शीर्षो के अन्तर्गत अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत 25.19प्रतिशत रहेगा।

मंत्रिमंडल बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे और प्राथमिकता घरों के लाभार्थियों के चयन के लिए एकमुश्त छूट देने का निर्णय लिया गया जिसके लिए ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों और प्राथमिकता घरों को ग्राम सभा की बैठक आयोजित किए बिना तथा अपील दायर करने के लिए 15दिनों के स्थान पर सात दिनों का समय देने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया कि ग्राम पंचायतें और स्थानीय शहरी निकाय एक महीने के स्थान पर 15दिनों की अवधि में चयन प्रक्रिया पूरा करेगे।प्रदेश में ग्रामीण आर्थिकी पर आधारित उद्यमियों के लिए सामान्य,जनजातीय और पिछड़े वर्ग के व्यक्यिों का कौशल विकास और उन्नयन किया जाएगा ताकि वो स्थानीय व्यवसायों में प्रशिक्षण लेकर स्वयं को लाभप्रद रोजगार से जोड़ सकें।

मंत्रिमंडल ने राज्य में स्वरोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से प्रेरित करने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना 2019’’ को और आकर्षक और लाभप्रद बनाने के लिए इसमें संशोधन को मंजूरी प्रदान की। इससे प्रदेश के 18से 45वर्ष के लाखों युवा लाभान्वित होंगे।मंत्रिमंडल ने प्रदेश के युवाओं को नशे से दूर रखने और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री युवा निर्माण योजना 2019’’ का प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की। इस योजना के अन्तर्गत सभी विधानसभा क्षेत्रों में दो बहुउद्देशीय स्टेडियम निर्मित किए जाएंगे जिसमें प्रत्येक स्टेडियम के निर्माण पर 15लाख रूपये व्यय किए जाएंगे।मंत्रिमंडल बैठक में ऊना शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर परिषद ऊना को एक कूड़ा कॉम्पेक्टर, एक डम्पर स्थापित वाली गाड़ी और एक कूड़ा एकत्रित करने वाली गाड़ी खरीदने को मंजूरी प्रदान की।

मंत्रिमंडल ने प्रदेश में राज्य ग्रामीण अभियांत्रिकी आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम को मंजूरी प्रदान की।मंत्रिमंडल ने प्रदेश में स्थापित किए जाने वाले नए उद्योगों तथा वर्तमान में कार्यरत उद्योगों के विस्तार के लिए 31दिसम्बर, 2022तक विद्युत शुल्क और विद्युत दरों में छूट प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश औद्योगिक नीति-2019में विद्युत शुल्क में रियायत की धारा-15तथा विद्युत दरों में रियायत की धारा-16में सनसेट उपधारा जोड़ने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने सोलन जिला के कसौली क्षेत्र के लोगों को लाभान्वित करने के लिए उप-मण्डलीय कार्यालय (नागरिक) खोलने की सहमति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को विभिन्न देय राशियों के भुगतान के लिए पावर फाईनांस काॅर्पोरेशन से सामान्य नियमों और शर्तों पर 455करोड़ रूपये का ऋण लेने को स्वीकृति प्रदान की।

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश नगर एवं शहर नियोजन नियमों, 2014में संशोधन करने का निर्णय लिया जिसके अन्तर्गत सैटबैक के 50प्रतिशत हिस्से पर स्काई पार्किंग खोलने की अनुमति दी जाएगी, जिससे भवन मालिकों को सैटबैक के आगे 50प्रतिशत हिस्से पर स्काई पार्किंग के लिए अस्थाई स्टील फ्रेम ढांचा अथवा रैंप निर्मित करने की अनुमति मिलेगी।मंत्रिमंडलबैठक में शिमला जिला के टुटू में खंड विकास अधिकारी का कार्यालय खोलने की अनुमति प्रदान की गई जिसके लिए मशोबरा और बसन्तपुर खंडों का पुनर्गठन किया जाएगा और कार्यालय के संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 10पद सृजित किए जाएंगे। मंत्रिमंडल ने 1सितंबर, 2019से 27दिसम्बर, 2019तक 3.72रुपये प्रति यूनिट की दर पर हिमाचल प्रदेश के विद्युत प्रवाह की अवधि को नियमित करने के लिए त्रिपक्षीय लघु अवधि पीपीए को मंजूरी दी। हिमाचल प्रदेश सरकार टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड के माध्यम से पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के माध्यम से नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन और रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन से 233.5मेगावाट की बिजली की पात्रता का हिस्सा 0.0235रुपये प्रति यूनिट के मार्जिन पर देगी।

मंत्रिमंडल ने किन्नौर और लाहौल-स्पिति जिलों को छोड़कर प्रदेश के बाकी 10जिलों के जिला अस्पतालों में फिजियोथेरेपिस्ट का एक-एक पद सृजित करने और भरने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त जेल एवं सुधार प्रशासन विभाग ने जुनियर टैक्निशियन (वीविंग मास्टर) के तीन पद अनुबंध आधार पर भरने को सहमति प्रदान की गई। बैठक में आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग में अनुबंध आधार पर विभिन्न श्रेणियों के 18पदों को भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने आबकारी एवं कराधान विभाग में दैनिकभोगी आधार पर चालकों के पांच पद भरने को भी अपनी मंजूरी दी।

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