राष्ट्रीय कृषि-सम्मलेन खरीफ अभियान 2018

Radha Mohan Singh
24 Apr 2018

मानसून की फसल खरीफ को लेकर एक अच्छी खबर है। खबर यह है कि इस बार मानसून सामान्य रहेगा। खरीफ की फसल, दक्षिणी-पश्चिम मानसून के समय, मई से जुलाई के बीच बोयी जाती है और इनकी कटाई सितम्बर से अक्तूबर के बीच में होती है। खरीफ की मुख्य फसलें हैं-  धान, मक्का,जूट, सोयाबीन आदि।

किसान देश का अन्नदाता है। देश का विकास कृषि क्षेत्र के विकास के बिना अधूरा है।  देश की खाद्य सुरक्षा को सतत आधार पर सुनिश्‍चित करने का श्रेय हमारे किसानो को ही जाता है । आज सच्चाई यह है कि भारत न केवल बहुत से कृषि उत्‍पादों में आत्‍म निर्भर व् आत्म संपन्न है वरन बहुत से उत्‍पादों का निर्यातक भी है। यह भी सच है कि हमारी योजनायें उत्पादन केन्द्रित तो रहीं किन्तु आय केन्द्रित योजनाओं पर फोकस नहीं हुआ तथा किसानों को अपने उत्‍पादों  का लाभकारी मूल्‍य नहीं मिलता रहा। इसलिए सरकार कृषि क्षेत्र का चहुंमुखी विकास कर रही है ताकि अन्न एवं कृषि उत्पादों के भण्डारो के साथ – साथ किसान की आय बढ़े ताकि उनकी जेब भरे। यही वजह है कि सरकार ने कृषि और किसानों के लिए बजट बढ़ाया तथा बजटीय प्रावधान के अलावा कई नये कार्पस फंड का निर्माण किया है। यह बजट मोटे तौर पर कृषि एवं किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता तथा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2022-23 तक किसानों की आय दोगुना करने के प्रण को परिलक्षित करता है।

किसानों के लिए केन्द्र सरकार ने कई योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए है जिसके अब अच्छे परिणाम आ रहे हैं। ये विशेष योजनाएं हैं- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना, ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार, राष्ट्रीय कृषि वानिकी (मेड़ पर पेड़), नीम लेपित यूरिया आदि।

अब जल्द ही खरीफ मौसम आने वाला है। इसलिए यह जरूरी है कि राज्य सरकारें समय रहते फसलों की गुणवत्ताप्रद बीजों की पर्याप्त मात्रा की व्यवस्था करने और किसानों के लिए उर्वरक की पर्याप्त मात्रा का स्टॉक करने के लिए योजना बनाएं। राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित करें कि बुवाई मौसम के दौरान इनपुट की कोई कमी ना हो।

आगामी खरीफ सीजन का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए 25-26 अप्रैल को नई दिल्ली में खरीफ 2018 का आयोजन किया जा रहा है। उम्मीद है कि खरीफ में बादल झमाझम बरसेंगे और खरीफ 2018 में खादयान्नों का रिकार्ड उत्पादन होगा।

राधा मोहन सिंह

कृषि और किसान कल्याण मंत्री

भारत सरकार

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