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अब आपके परिवार को मिलेगा प्रति वर्ष 5 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा सुरक्षा कवच

24 Sep 2018

भारत सरकार के “स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय” की ओर से एक स्वास्थ्य बीमा योजना “आयुष्मान भारत ” शुरू की गई है जो गरीब वर्ग के नागरिकों एवं असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं में मदद उपलब्ध कराने के लिए एक पहल है। इस योजना में गरीब और वंचित लोगों की पहचान के लिए सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC 2011) को मानक बनाया गया है।
SECC (सामाजिक आर्थिक और जातिगत जनगणना) के आधार पर मध्य प्रदेश में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुसार सम्मिलित परिवारों की कुल संख्या 83,81,782 है। जिसमें शामिल स्वत: समावेशित परिवार 3,96,787, क्र.1 से क्र. 7 (क्र. 6 को छोड़कर) वंचित श्रेणी के ग्रामीण परिवार 63,94,323, व्यवसाय आधारित शहरी परिवार 15,90,672 शामिल हैं। योजना के अंतर्गत एक परिवार 01 वर्ष में 5 लाख रुपए तक का इलाज कैशलेस करा सकता है। हर परिवार में औसतन 5 सदस्यों के हिसाब से, इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 7 करोड़ लोग लाभान्वित हो सकेंगे। इसके लिए नेशनल हेल्थ मिशन द्वाराHealth and Wellness Centers स्थापित किये जायेंगे।

योजना का मुख्य उद्देश्य
● सभी जरूरतमंद परिवारों के लिए उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना
● गरीब परिवार को भी स्तरीय चिकित्सा का लाभ देना

आयुष्मान भारत योजना के महत्वपूर्ण लाभ :
● चिकित्सा के दौरान किसी भी रूप में नगद भुगतान की आवश्यकता नहीं
● भारतीय राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 1.50 लाख नये स्वास्थ्य कल्याण केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे।
● ”राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना” के तहत आने वाले हर परिवार को 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा (health insurance) कराया जाएगा। इस बीमा कवर से आप छोटे और बड़े सभी तरह के अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे।
● परिवार चाहे जितना बड़ा हो, उसके हर सदस्य को ”राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना” के तहत लाभ मिलेगा। महिला-पुरुष, बच्चे-बूढे सब इस योजना के लाभार्थी हो सकते है। उम्र की भी कोई सीमा नहीं है।
● अस्पताल में भर्ती होने के पहले के स्वास्थ्य संबंधी खर्चे और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद के खर्चे भी इसमें शामिल होंगे।
● पॉलिसी लेने के पहले दिन से ही ये सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी। अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आने जाने का भत्ता (निर्धारित दर पर परिवहन भत्ता) भी दिया जाएगा।
● इस योजना से समय पर इलाज होगा और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होगा।
● योजना की मदद से टीवी जैसी बीमारियों से निपटने के लिये फंड की प्राप्त होगी।
● उत्पादकता में सुधार होगा, रोजगार सृजन होगा और इसके परिणाम स्वरूप जीवन की गुणवत्ता सुधरेगी।

भारत में प्रतिवर्ष 14% मरीजों की मृत्यु टीबी जैसी जानलेवा बीमारियों के कारण हो जाती है। भारत में लगभग प्रतिवर्ष 30,00,000 मरीज अस्पताल में अपना पंजीकरण कराते हैं।

मध्य प्रदेश के गरीब और वंचित तबके के लिए “दीन दयाल स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन मध्यप्रदेश” जो की आयुष्मान भारत के ही अंतर्गत संचालित, एक ऐसी योजना है जो मध्यप्रदेश के विभिन्न श्रेणी के गरीब परिवारों पर से स्वास्थ्य का वित्तीय बोझ घटाने के साथ-साथ उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कराती करता है। आयुष्मान भारत योजना को प्रदेश में लागू करने हेतु दीन दयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद का गठन भी किया गया है। ”दीन दयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद (DDSSP)” द्वारा वर्तमान में संचालन हेतु जय प्रकाश चिकित्सालय परिसर में ”आई.ई.सी. ब्यूरो” कार्यालय, भोपाल में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। यह परिषद स्टेट हेल्थ एजेंसी के रूप में कार्य करेगी, जिसके अंतर्गत इस योजना का सम्पूर्ण क्रियान्वयन होगा।

योजना का लाभ लेने हेतु निम्नलिखित शर्तों में से कोई एक भी शर्त पूरी करने पर आप इस योजना के पात्र होंगे :
● ऐसा परिवार जो कच्ची दीवार वाले एक कमरे वाले कच्चे मकान या छप्पर में रह रहा हो।
● ऐसे परिवार, जिनमें 16 से 59 वर्ष की उम्र तक का कोई वयस्क सदस्य न हो।
● ऐसे परिवार, जिसकी जिम्मेदारी कोई महिला संभाल रही हो और उसके परिवार में कोई 16 से 59 वर्ष तक का पुरुष सदस्य न हो।
● शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति, जिसके परिवार में कोई भी शारीरिक रूप से सक्षम व्यक्ति न हो
● एससी/एसटी परिवार और भूमिहीन परिवार, जिनकी आजीविका का मुख्य स्रोत मानवीय श्रम हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवार स्वत: ही इस योजना में शामिल होंगे :
● बेघर व्यक्ति।
● निराश्रित व्यक्ति।
● भिक्षा मांगकर आजीविका चलाने वाला।
● साफ सफाई करने वाले परिवार।
● आदिम जनजातीय परिवार।
● बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए व्यक्ति।
कैशलेस के साथ पोर्टेबल भी होगा इलाज :
● इस योजना के तहत आप देश के किसी भी हिस्से में इलाज करा सकेंगे।
● सारा इलाज न सिर्फ कैशलेस होगा, बल्कि पेपरलेस भी होगा ताकि अस्पताल आपसे निर्धारित दरों से अधिक रकम न वसूल सकें।
● बीमा योजना के माध्यम से मिलने वाली Health Services पूरे देश में पोर्टेबल होगी, जैसे किसी भी एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में इलाज को आसानी से ट्रांसफर कराया जा सकता है।
● सरकारी के साथ निजी अस्पताल भी पैनल में होंगे। राज्यों में स्थित सभी सरकारी अस्पताल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा के पैनल में शामिल माने जाएंगे।
● कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के भी सभी अस्पताल, इस योजना के पैनल में शामिल माने जाएंगे। (बिस्तरों की उपलब्धता के आधार पर)
● प्राइवेट अस्पतालों को कुछ निर्धारित मानकों को पूरा करने पर इस योजना के पैनल में शामिल किया जाएगा। पैनलाइजेशन की प्रकिया भी ऑनलाइन ही होगी।

आयुष्मान भारत योजना लागू होने के बाद से अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और सफाई कर्मचारी समेत हेल्परों के लिये रोजगार में बढ़ोत्तरी हुई और अनेकों नागरिक इस योजना द्वारा लाभान्वित हुए हैं।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम से निश्चित ही प्रदेश में गरीबी व मजदूरी हानि में कमी आएगी। प्रदेश भर में सूचीबद्ध स्वास्थ्य केन्द्रों की सहायता से मध्यप्रदेश के लगभग 1.37 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और दीन दयाल स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन मध्यप्रदेश, इस योजना को संचालित कर रहा है।

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