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न मैं गंदगी करूंगा, न ही करने दूंगा

16 Aug 2018

क्या याद है आपको जब महात्मा गांधी ने अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था। शायद कुछ लोगों को याद होगा और जिन्हें याद नहीं होगा उन लोगों को मैं याद दिलाना चाहूंगा, गांधी जी नेस्वच्छ भारत का सपना देखा था जिसके लिए वह चाहते थे कि भारत के सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें और इस सपने को साकार बनायें।

कुल मिलाकर सच्चाई यही है कि इस सपने को साकार बनाने के लिये देश और प्रदेश के युवा को आगे आना होगा और गांधी जी के सपने को हकीकत में बदलने का प्रयास करना होगा। वर्तमान समय में स्वच्छता हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। यह समय भारत वर्ष के लिए बदलाव का समय है, बदलाव के इस दौर में यदि हम स्वच्छता के क्षेत्र में पीछे रह गए तो आर्थिक उन्नति का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। साथ ही हमें इसे एक बड़े स्तर पर भी देखने की जरूरत है ताकि हमारे पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।

साफ-सफाई केवल सफाई कर्मचारियों की ही जिम्मेदारी नहीं है, यह हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि हम अपने शहर और गांवों को साफ और सुरक्षित रखें। हमें यह नजरिया बदलना होगा और मैं जानता हूं कि इसे केवल एक अभियान बनाने से कुछ नहीं होगा। पुरानी आदतों को बदलने में समय लगेगा लेकिन यह इतना मुश्किल काम भी नहीं है। इस अभियान के जरिये “2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर भारत उन्हें स्वच्छ भारत के रूप में सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि दे सके”।

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस दुनिया भर में 12 अगस्त को मनाया जाता है। युवा किसी भी देश के विकास का मजबत आधार स्तंंभ होते हैं। राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के निर्माण के प्रति समर्पित है। युवाओं को स्वच्छता अभियान को लेकर बड़ा परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिये देश-प्रदेश का युवा निम्न तरह की गतिविधियों के माध्यम से अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है :

● पर्यावरण को बचाने के लिये पेड़-पौधों और वृक्षारोपण करेंगे।
● शौचालय का प्रयोग करने के लिए लोगों में जागरूकता फैलायें।
● अपने आस-पास रखे कूड़ेदान का प्रयोग करने के लिये लोगों को बतायें।
● कॉर्टून और चित्रों के जरिये लोगों को स्वच्छता के सही मायने समझायें।
● स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिये लोगों को जागरूक बनाने का प्रयास करेंगे।
● गंदगी नहीं फैलाएंगे और ऐसा करने वालों को विनम्रता पूर्वक रोकने का प्रयास करेंगे।
● सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को स्वच्छता बनाये रखने संबंधी अभियान चलाएंगे।
● पान, गुटका और तम्बाकू जैसे उत्पादों का सेवन करने वालों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करेंगे।
● सरकारी संस्थानों, स्कूलों और घरों में स्वच्छता बनाये रखने के लिए लोगों को शिक्षित बनाएंगे।
● स्वच्छता के लिए नालियों की गंदगी, नदियों के आस-पास जमे कूड़े-कर्कट, सड़कों की सफाई करेंगे।
● संगीत, नाटक और स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के जरिये लोगों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनाएंगे।

देश के युवा स्वच्छता संबंधी पहले और बाद की तस्वीरें एवं वीडियो साझा कर इस अभियान में अपना योगदान दे सकते हैं। अगर आप एक निजी संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई, सामुदायिक या फिर समाज के एक सदस्य हैं तो आपसे अनुरोध है कि mp.mygov.in पर लॉग इन कर पंजीकरण करें। अपने स्वच्छता संबंधी अभियान के माध्यम से अन्य लोगों को इसका हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करें ताकि कचरा मुक्त वातावरण और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराकर एक स्वच्छ भारत का निर्माण किया जा सके।

अस्वच्छ भारत की तस्वीरें अक्सर भारतीयों के लिए शर्मिंदगी की वजह बन जाती हैं, इसलिए स्वच्छ भारत के निर्माण एवं देश की छवि को सुधारने का यह सही समय एवं अवसर है। यह अभियान न केवल नागरिकों को स्वच्छता संबंधी आदतें अपनाने बल्कि हमारे देश की छवि को इस अभियान के माध्यम से स्वच्छ बनाने में भी मदद करेगी।

“एक साथ मिलकर कार्य करें और सबके लिए प्रेरणा का स्रोत बनें”

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