मोदी@20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी की पुस्तक समीक्षा

MyGov Team
11 Jun 2022

इस पुस्तक में मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक के कार्यों को बताया गया , इस पुस्तक का विमोचन 11 मई 2022 को उपराष्ट्रपति वैंकया नायडु द्वारा एक भव्य कार्यक्रम म में विज्ञान भवन नई दिल्ली में किया गया इस पुस्तक का प्रकाशन रूपा पब्लिकेशन भारत द्वारा हुआ।

17 साल की उम्र से घर छोड़ने से भारत के प्रधानमंत्री और देश के अब तक के विकास को इस पुस्तक में बहुत अच्छे से बताया गया है, इस पुस्तक के ऑनलाइन मार्केट में आते ही 3 दिन के अंदर पुस्तक अमेजन जैसी वेबसाइट पर बेस्ट सेलर में नंबर 1 पर अपनी जगह बना चुकी है।

विमोचन के समय नायडु जी ने कहा कि “पीएम मोदी एक इस नेता है जिन्होंने दुनिया को दिखाया की सपने वास्तव में सच हो सकते है।”

इस पुस्तक को लिखने का कार्य ब्लू क्राफ्ट डिजिटल फाउंडशेन द्वारा किया गया जहां प्रख्यात लोगों और लेखकों ने हर एक अध्याय को निखारा है, किताब में कुल 22 मुख्य प्रख्यात लेखक है जो है:

सुधा मुर्त्य, सदगुरु, नंदन नीलेकणी, अमीषा त्रिपाठी, अमित शाह, अरविंद पनगरिया, एस जयशंकर, लता मंगेशकर, अंकित डोवाल, पी वी सिंधु, शोबाना कामिनेनी, सुरजीत एस भाला, प्रदीप गुप्ता, अनंथा नागेश्वरन, शामिका रवि, उदय एस कोटक, अजय माथुर, अनपुम खेर, अशोक गुलाटी, डाक्टर देवी शेट्टी, निरपेंद्र मिश्रा, मनोज लाडवा, भारत बराई और ब्लू क्राफ्ट डिजिटल फाउंडशेन।

यह पुस्तक 5 सेक्शन में विभाजित है:

पुस्तक का प्रथम अध्याय (why modi is the undisputed youth icon) पी वी सिंधु द्वारा बहुत अच्छे से लिखा गया है।

इसके बाद दूसरा अध्याय जो की बहुत ज्यादा इंपैक्ट डालता है इसी प्रकार है सेक्शन में 3 से4 अध्याय को जोड़ा गया है। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आपको देश की प्रगति का असल अंदाजा लग सकेगा, कैसे 2014 से अनेकों योजनाएं शुरु हुई, महिला सशक्तिकरण पर ध्यान दिया गया शिक्षा की नई नीति से लेकर सैन्य बल पर जोर दिया गया।

लोगो ने इस पुस्तक को काफी सराहा है, लोगो के मतानुसार काफी लोगो ने बताया कि इस पुस्तक को पढ़कर एक बात पता चलती है की कैसे अब तक भारतीय राजनीति का इतिहास एकदम से बदला कैसे भारत के लोग डिजिटल हुए और भारत अब किस ओर जा रहा है इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य पीएम मोदी के कार्यों का लेखा जोखा है।

आशा करते है की इसका हिंदी अनुवाद भी हम देखने को मिलेगा।

इस पुस्तक को लेकर काफी अच्छे रिव्यू निकल कर आए है, जो लोगो में काफी प्रचलित हो रही और यह किताब बहुत बढ़िया ढंग से लिखी गई है, अगर कोई इसे नई पीढ़ी पढ़ती है तो वो समझ जायेगा की आखिर अचानक भारत में नए नए प्रोग्राम को कैसे बढ़ावा दिया गया कैसे भारत प्रगति के मार्ग पर है।

2014 से अब तक सब उन बातों और योजनाओं पर प्रकाश डाला गया है जो मानव कल्याण के लिए जरूरी है जिन्हे मोदी जी द्वारा शुरु कि या गया है।

नई युवा पीढ़ी को यह पुस्तक पढ़नी चाहिए जिससे उन्हें अब तक के किए कई सारे कार्यों का पता चल सके।

यह पुस्तक उनके लिए भी जरूरी है जो यह मानते है की आखिर मोदी ने अब तक किया क्या है।

2) मोदी@20: रूपा पब्लिकेशन इंडिया द्वारा प्रकाशित ड्रीम्स मीट डिलीवरी। इस पुस्तक में सुधा मूर्ति, सद्गुरु, नंदन नीलेकणी, अमीश त्रिपाठी, एस जयशंकर, स्वर्गीय लता मंगेशकर, पी.वी. सिंधु आदि शामिल हैं। यह पुस्तक 21 लेखों का संकलन है और 22 डोमेन विशेषज्ञों द्वारा प्रधानमंत्री की सोच और प्रदर्शन के विभिन्न पहलुओं को सामने लाया गया है। 2021 में, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सरकार के मुखिया के रूप में लगातार बीस वर्ष पूरे किए। यह किताब पीएम मोदी के राजनीति और शासन में किए गए काम के इर्ज-गिर्द घूमती है। यह किताब इस वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण पुस्तक है जिसमें गुजरात में मोदी की अनुकरणीय सफलता को शामिल किया गया है, जिसने भारत के प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त किया।

यह पुस्तक विशिष्ट विचार प्रक्रिया, अग्रणी, सवोत्कृष्ट परिवर्तनकारी नेतृत्व शैली को प्रस्तुत करती है जिसे पीएम इतनी बारीकी से पहचाने जाने लगे हैं। पीएम की यात्रा, कार्यों और शब्दों और उनके एहसास को बडे पैमाने पर प्रस्तुत करने और समझने की जरूरत है, यह पुस्तक निश्चित रूप से मोदी को डिकोड करने में मदद करती है और यह समझने में मदद करती है कैसे देश के लोगों के लिए बडे सपने देखने का साहस है। यह किताब पीएम मोदी के विजन, उनके सपनों और मिशन इंडिया को उनकी, व्यापक यात्राओं और व्यावहारिक अनुभावत्मक यात्रा से आकार देती है। यह सबसे प्रमुख कारक है जो मोदी को कई मायनों में अद्वितीय बनाता है।

ड्रीम्स मीट डिलीवरी में मोदी की अनुभवजन्य यात्रा शामिल है क्योंकि उन्होंने 17 साल की उम्र में अपना घर छोड दिया था और अपने देश यानी भारत के बारे में और अपने बारे में गहराई से जानने के मिशन पर निकल पडे थे, वह हमेशा अपनेदेश को बदलना चाहते थे। 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने राज्य को बदलने के साथ शुरुआत की। 2014 में अपने भूस्खलन के बाद वे भारत के प्रधानमंत्री बने। उन्हें देश बदलने के लिए एक मिशन स्थापित किया, 2019 में उन्हें फिर से चुना गया। अपने काम से जनता का दिल जीता।

आपको आश्चर्य होगा कि एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जानने के लिए और क्या है जो हमेशा चर्चा में रहता है, लेकिन यह पुस्तक भारत में प्रभुत्व की अंतिम सीट के लिए एक अत्यंत नीच पृष्ठभूमि से किसी के उदय के पीछे के कारण को ब्राउज़ करने की कोशिश करती है। इस पुस्तक के अंदर यह भी बताता है कि नीति-निर्माण को लागू करने का दृढ़ संकल्प सबसे अच्छा भी चकित करता है। उन्होंने एक सभ्यता राज्य की विदेश नीति चलाई है। सीमा के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए उनके पास घर है, यह सुरक्षा के लिए आवश्यक है। तो यह उरी और बालाकोट हो सकता है, यह डोकलाम और लद्दाख हो सकता है, हर कोई यह देख सकता है कि भारत एक ऐसा देश नही है जो अपनी कठिन सुरक्षा चुनौतियों से पीछे हटता है। मोदी ने अपने विदेशी दौरों पर देश के विकास को गति देने के लिए देश में पूंजी और प्रौद्योगिकी लाने का हर संभव प्रयास किया। मोदी की वजह से योग और भारतीय संस्कृति दुनिया के लिए आकर्षण बन गई थी। वह अधीर है उसे धीमी प्रगति पसंद नही हैं।

[ये 2 अलग-अलग ब्लॉग हैं जिन्हें हमारे माईगव इंटर्न ऋषिकेश कुमार सिंह और शक्ति राव द्वारा लिखा गया है।]

Total Comments - 0

Leave a Reply